क़ुरआनी दुआएँ

क़ुरआन में चिंता, कठिनाई और राहत की दुआएँ

क़ुरआन में नबी और ईमान वाले डर, नुक़सान और अनिश्चितता में अल्लाह की ओर रुजू करते हैं। ये दुआएँ भरोसे के शब्द हैं; ज़रूरत हो तो परिवार, समुदाय और पेशेवरों से मदद लेना भी इनके साथ-साथ चलता है।

तेरे सिवा कोई माबूद नहीं, तू पाक है

यूनुस ने अंधेरों से पुकारा, और अगली आयत बताती है कि उन्हें ग़म से नजात दी गई। (Al-Anbiya 21:87)

21:87पृष्ठ 329 · जुज़ 17

وَذَا ٱلنُّونِ إِذ ذَّهَبَ مُغَـٰضِبًا فَظَنَّ أَن لَّن نَّقْدِرَ عَلَيْهِ فَنَادَىٰ فِى ٱلظُّلُمَـٰتِ أَن لَّآ إِلَـٰهَ إِلَّآ أَنتَ سُبْحَـٰنَكَ إِنِّى كُنتُ مِنَ ٱلظَّـٰلِمِينَ ۝٨٧

तथा मछली वाले[34] (की कहानी याद करो), जब वह ग़ुस्से से भरा हुआ चला गया[35] और उसने सोचा कि हम उसे तंगी में नहीं डालेंगे। अंततः उसने अंधेरों में पुकारा कि (ऐ अल्लाह!) तेरे सिवा कोई पूज्य नहीं, तू पवित्र है। निश्चय मैं ही अत्याचारियों में हो गया।[36]

अनुवाद टिप्पणियाँ
[34] इससे अभिप्रेत यूनुस अलैहिस्सलाम हैं। उनको ''ज़ुन्नून'' और "साह़िबुल ह़ूत" कहा गया है। अर्थात मछली वाला। क्योंकि उनको अल्लाह के आदेश से एक मछली ने निगल लिया था। इसका कुछ वर्णन सूरत यूनुस में आ चुका है। और कुछ सूरतुस-साफ़्फ़ात में आ रहा है। [35] अर्थात अपनी जाति से क्रोधित होकर अल्लाह के अनुमति के बिना अपनी बस्ती से चले गए। इसी पर उन्हें पकड़ लिया गया। [36] सह़ीह़ ह़दीस में आता है कि जो भी मुसलमान इस शब्द के साथ किसी विषय में दुआ करेगा तो अल्लाह उसकी दुआ को स्वीकार करेगा। (तिर्मिज़ी : 3505)
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari · QuranEnc.com · v1.1.5संदर्भ सहित पढ़ें
मेरा चिंतन

मुझे तकलीफ़ पहुँची है, और तू सबसे बढ़कर रहम करने वाला है

बीमारी और नुक़सान के दौरान अय्यूब की पुकार। (Al-Anbiya 21:83)

21:83पृष्ठ 329 · जुज़ 17

۞ وَأَيُّوبَ إِذْ نَادَىٰ رَبَّهُۥٓ أَنِّى مَسَّنِىَ ٱلضُّرُّ وَأَنتَ أَرْحَمُ ٱلرَّٰحِمِينَ ۝٨٣

तथा अय्यूब (की कहानी) को (याद करो), जब उन्होंने अपने पालनहार को पुकारा कि निःसंदेह मुझे कष्ट पहुँची है और तू दया करने वालों में सबसे अधिक दयावान् है।

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari · QuranEnc.com · v1.1.5संदर्भ सहित पढ़ें
मेरा चिंतन

ऐ मेरे रब, तू जो भी भलाई मुझ पर उतारे, मैं उसका मोहताज हूँ

मदयन में अकेले और अजनबी होने पर मूसा ने यह कहा। (Al-Qasas 28:24)

28:24पृष्ठ 388 · जुज़ 20

فَسَقَىٰ لَهُمَا ثُمَّ تَوَلَّىٰٓ إِلَى ٱلظِّلِّ فَقَالَ رَبِّ إِنِّى لِمَآ أَنزَلْتَ إِلَىَّ مِنْ خَيْرٍ فَقِيرٌ ۝٢٤

तो उसने उनके लिए पानी पिला दिया। फिर पलट कर छाया की ओर आ गया और कहा : ऐ मेरे पालनहार! निःसंदेह मैं, जो भलाई भी तू मुझपर उतार दे, मैं उसका मोहताज हूँ।

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari · QuranEnc.com · v1.1.5संदर्भ सहित पढ़ें
मेरा चिंतन

हमारे लिए अल्लाह काफ़ी है

ईमान वालों का जवाब, जब उन्हें बताया गया कि लोग उनके ख़िलाफ़ इकट्ठा हो गए हैं। (Ali Imran 3:173)

3:173पृष्ठ 72 · जुज़ 4

ٱلَّذِينَ قَالَ لَهُمُ ٱلنَّاسُ إِنَّ ٱلنَّاسَ قَدْ جَمَعُوا۟ لَكُمْ فَٱخْشَوْهُمْ فَزَادَهُمْ إِيمَـٰنًا وَقَالُوا۟ حَسْبُنَا ٱللَّهُ وَنِعْمَ ٱلْوَكِيلُ ۝١٧٣

ये वही लोग हैं जिनसे लोगों ने कहा कि दुश्मनों ने तुम्हारे विरुद्ध सेना इकट्ठा कर ली है।[97] अतः उनसे डरो। तो इस (सूचना) ने उनके ईमान को और बढ़ा दिया और उन्होंने कहा : हमारे लिए अल्लाह काफ़ी है और वह बहुत अच्छा कार्यसाधक (काम बनाने वाला) है।

अनुवाद टिप्पणियाँ
[97] अर्थात शत्रु ने मक्का जाते हुए राह में सोचा कि मुसलमानों के परास्त हो जाने पर यह अच्छा अवसर था कि मदीने पर आक्रमण करके उनका उन्मू222लन कर दिया जाए, तथा वापस आने का निश्चय किया। (तफ़्सीर क़ुर्तुबी)
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari · QuranEnc.com · v1.1.5संदर्भ सहित पढ़ें
मेरा चिंतन

मेरे लिए अल्लाह काफ़ी है; उसी पर मेरा भरोसा है

नबी को आदेश दिया गया कि अगर लोग मुँह फेर लें तो यह कहें। (At-Tawbah 9:129)

9:129पृष्ठ 207 · जुज़ 11

فَإِن تَوَلَّوْا۟ فَقُلْ حَسْبِىَ ٱللَّهُ لَآ إِلَـٰهَ إِلَّا هُوَ ۖ عَلَيْهِ تَوَكَّلْتُ ۖ وَهُوَ رَبُّ ٱلْعَرْشِ ٱلْعَظِيمِ ۝١٢٩

फिर यदि वे मुँह फेरें, तो कह दें कि मेरे लिए अल्लाह ही काफ़ी है। उसके सिवा कोई (वास्तविक) पूज्य नहीं, मैंने उसी पर भरोसा किया है, और वही बड़े अर्श का रब है।

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari · QuranEnc.com · v1.1.5संदर्भ सहित पढ़ें
मेरा चिंतन

हमें सब्र दे और हमारे क़दम जमा दे

जालूत का सामना करते समय तालूत की सेना की दुआ। (Al-Baqarah 2:250)

2:250पृष्ठ 41 · जुज़ 2

وَلَمَّا بَرَزُوا۟ لِجَالُوتَ وَجُنُودِهِۦ قَالُوا۟ رَبَّنَآ أَفْرِغْ عَلَيْنَا صَبْرًا وَثَبِّتْ أَقْدَامَنَا وَٱنصُرْنَا عَلَى ٱلْقَوْمِ ٱلْكَـٰفِرِينَ ۝٢٥٠

और जब वे जालूत और उसकी सेनाओं के सामने हुए, तो दुआ की : ऐ हमारे पालनहार! हमपर धैर्य उँडेल दे तथा हमारे पैरों को जमा दे और इन काफ़िरों के विरुद्ध हमारी सहायता कर।

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari · QuranEnc.com · v1.1.5संदर्भ सहित पढ़ें
मेरा चिंतन

हमें सब्र दे और मुसलमान होने की हालत में मौत दे

फ़िरऔन के जादूगरों के शब्द, जब वे ईमान ले आए और उन्हें धमकाया गया। (Al-Araf 7:126)

7:126पृष्ठ 165 · जुज़ 9

وَمَا تَنقِمُ مِنَّآ إِلَّآ أَنْ ءَامَنَّا بِـَٔايَـٰتِ رَبِّنَا لَمَّا جَآءَتْنَا ۚ رَبَّنَآ أَفْرِغْ عَلَيْنَا صَبْرًا وَتَوَفَّنَا مُسْلِمِينَ ۝١٢٦

और तू हमसे केवल इस बात का बदला ले रहा है कि हम अपने पालनहार की निशानियों पर ईमान ले आए, जब वे हमारे पास आईं? ऐ हमारे पालनहार! हमपर धैर्य उड़ेल दे और हमें इस दशा में (संसार से) उठा कि तेरे आज्ञाकारी हों।

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari · QuranEnc.com · v1.1.5संदर्भ सहित पढ़ें
मेरा चिंतन

हम पर वह बोझ न डाल जिसे उठाने की हममें ताक़त नहीं

सूरह अल-बक़रह की समापन दुआ। (Al-Baqarah 2:286)

2:286पृष्ठ 49 · जुज़ 3

لَا يُكَلِّفُ ٱللَّهُ نَفْسًا إِلَّا وُسْعَهَا ۚ لَهَا مَا كَسَبَتْ وَعَلَيْهَا مَا ٱكْتَسَبَتْ ۗ رَبَّنَا لَا تُؤَاخِذْنَآ إِن نَّسِينَآ أَوْ أَخْطَأْنَا ۚ رَبَّنَا وَلَا تَحْمِلْ عَلَيْنَآ إِصْرًا كَمَا حَمَلْتَهُۥ عَلَى ٱلَّذِينَ مِن قَبْلِنَا ۚ رَبَّنَا وَلَا تُحَمِّلْنَا مَا لَا طَاقَةَ لَنَا بِهِۦ ۖ وَٱعْفُ عَنَّا وَٱغْفِرْ لَنَا وَٱرْحَمْنَآ ۚ أَنتَ مَوْلَىٰنَا فَٱنصُرْنَا عَلَى ٱلْقَوْمِ ٱلْكَـٰفِرِينَ ۝٢٨٦

अल्लाह किसी प्राणी पर भार नहीं डालता परंतु उसकी क्षमता के अनुसार। उसी के लिए है जो उसने (नेकी) कमाई और उसी पर है जो उसने (पाप) कमाया। ऐ हमारे पालनहार! हमारी पकड़ न कर यदि हम भूल जाएँ या हमसे चूक हो जाए। ऐ हमारे पालनहार! और हमपर कोई भारी बोझ न डाल, जैसे तूने उसे उन लोगों पर डाला जो हमसे पहले थे। ऐ हमारे पालनहार! और हमसे वह चीज़ न उठवा जिस (के उठाने) की हम में शक्ति न हो। तथा हमें माफ़ कर और हमें क्षमा कर दे और हमपर दया कर। तू ही हमारा स्वामी (संरक्षक) है, इसलिए काफ़िरों के मुक़ाबले में हमारी मदद कर।

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari · QuranEnc.com · v1.1.5संदर्भ सहित पढ़ें
मेरा चिंतन
पाठ स्रोत और सटीकता

मूल अरबी: Tanzil Uthmani v1.1. अर्थों का अनुवाद: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari · QuranEnc.com · v1.1.5.

सभी 6,236 आयत संदर्भों को स्रोत से मिलाकर जाँचा गया है। यह तकनीकी अखंडता जाँच है, स्वतंत्र विद्वत समीक्षा नहीं। आरंभ की बिस्मिल्लाहें उसी रूप में सुरक्षित रखी गई हैं जिस रूप में मिली थीं।

# PLEASE DO NOT REMOVE OR CHANGE THIS COPYRIGHT BLOCK
#====================================================================
#
#  Tanzil Quran Text (Uthmani, Version 1.1)
#  Copyright (C) 2007-2026 Tanzil Project
#  License: Creative Commons Attribution 3.0
#
#  This copy of the Quran text is carefully produced, highly 
#  verified and continuously monitored by a group of specialists 
#  at Tanzil Project.
#
#  TERMS OF USE:
#
#  - Permission is granted to copy and distribute verbatim copies 
#    of this text, but CHANGING IT IS NOT ALLOWED.
#
#  - This Quran text can be used in any website or application, 
#    provided that its source (Tanzil Project) is clearly indicated, 
#    and a link is made to tanzil.net to enable users to keep
#    track of changes.
#
#  - This copyright notice shall be included in all verbatim copies 
#    of the text, and shall be reproduced appropriately in all files 
#    derived from or containing substantial portion of this text.
#
#  Please check updates at: http://tanzil.net/updates/
#
#====================================================================
पूरा स्रोत-विवरण और अनुमतियाँ

और क़ुरआनी दुआएँ

हदीस में सिखाई गई दुआएँ, जैसे सुबह और शाम के अज़कार, संदर्भों सहित यहाँ समझाई गई हैं: हमारी अज़कार मार्गदर्शिका.

ज़िक्र काउंटर खोलें
स्रोतों के साथ अध्ययन

विस्तृत मार्गदर्शिकाएँ

स्पष्ट स्रोतों और अगले व्यावहारिक कदमों के साथ अंग्रेज़ी में पूरी मार्गदर्शिकाएँ पढ़ें।

सभी मार्गदर्शिकाएँ

अनुवाद स्रोत

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari
Translated by Azizul Haq Al-Omari.
स्रोत संस्करण: 1.1.5 · 2025-08-05

QuranEnc.com · अर्थों का अनुवाद

स्रोत अनुमतियाँ · अनुवाद संबंधी समस्या बताएँ

यह भाषा संस्करण क़ुरआन के एक नामित प्रकाशित अनुवाद का उपयोग करता है, धर्मग्रंथ के स्वचालित अनुवाद का नहीं।

इंटरफ़ेस का अनुवाद AI की सहायता से किया गया है। स्वतंत्र मातृभाषी समीक्षा लंबित है। अनुवाद संबंधी समस्या बताएँ · मूल अंग्रेज़ी पढ़ें