بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ إِذَا ٱلسَّمَآءُ ٱنشَقَّتْ ١
जब आकाश फट जाएगा।
अल-इंशिक़ाक़
الإنشقاقअभ्यास के लिए अरबी छिपी हुई है। उसे दिखाने के लिए आयत पर टैप करें, माउस ले जाएँ या फ़ोकस करें। पढ़ने पर लौटने के लिए बटन फिर दबाएँ।
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ إِذَا ٱلسَّمَآءُ ٱنشَقَّتْ ١
जब आकाश फट जाएगा।
وَأَذِنَتْ لِرَبِّهَا وَحُقَّتْ ٢
और अपने पालनहार के आदेश पर कान लगाएगा और यही उसके योग्य है।
وَإِذَا ٱلْأَرْضُ مُدَّتْ ٣
तथा जब धरती फैला दी जाएगी।
وَأَلْقَتْ مَا فِيهَا وَتَخَلَّتْ ٤
और जो कुछ उसके भीतर है, उसे निकाल बाहर फेंक देगी और खाली हो जाएगी।
وَأَذِنَتْ لِرَبِّهَا وَحُقَّتْ ٥
और अपने पालनहार के आदेश पर कान लगाएगी और यही उसके योग्य है।[1]
يَـٰٓأَيُّهَا ٱلْإِنسَـٰنُ إِنَّكَ كَادِحٌ إِلَىٰ رَبِّكَ كَدْحًا فَمُلَـٰقِيهِ ٦
ऐ इनसान! निःसंदेह तू कठिन परिश्रम करते-करते अपने पालनहार की ओर जाने वाला है, फिर तू उससे मिलने वाला है।
فَأَمَّا مَنْ أُوتِىَ كِتَـٰبَهُۥ بِيَمِينِهِۦ ٧
फिर जिस व्यक्ति को उसका कर्मपत्र उसके दाहिने हाथ में दिया गया।
فَسَوْفَ يُحَاسَبُ حِسَابًا يَسِيرًا ٨
तो उसका आसान हिसाब लिया जाएगा।
وَيَنقَلِبُ إِلَىٰٓ أَهْلِهِۦ مَسْرُورًا ٩
तथा वह अपने लोगों की ओर ख़ुश-ख़ुश लौटेगा।
وَأَمَّا مَنْ أُوتِىَ كِتَـٰبَهُۥ وَرَآءَ ظَهْرِهِۦ ١٠
और लेकिन जिसे उसका कर्मपत्र उसकी पीठ के पीछे दिया गया।
فَسَوْفَ يَدْعُوا۟ ثُبُورًا ١١
तो वह विनाश को पुकारेगा।
وَيَصْلَىٰ سَعِيرًا ١٢
तथा जहन्नम में प्रवेश करेगा।
إِنَّهُۥ كَانَ فِىٓ أَهْلِهِۦ مَسْرُورًا ١٣
निःसंदेह वह अपने घर वालों में बड़ा प्रसन्न था।
إِنَّهُۥ ظَنَّ أَن لَّن يَحُورَ ١٤
निश्चय उसने समझा था कि वह कभी (अल्लाह की ओर) वापस नहीं लौटेगा।
بَلَىٰٓ إِنَّ رَبَّهُۥ كَانَ بِهِۦ بَصِيرًا ١٥
क्यों नहीं, निश्चय उसका पालनहार उसे देख रहा था।[2]
فَلَآ أُقْسِمُ بِٱلشَّفَقِ ١٦
मैं क़सम खाता हूँ शफ़क़ (सूर्यास्त के बाद की लाली) की।
وَٱلَّيْلِ وَمَا وَسَقَ ١٧
तथा रात की और उसकी जो कुछ वह एकत्रित करती है!
وَٱلْقَمَرِ إِذَا ٱتَّسَقَ ١٨
तथा चाँद की, जब वह पूरा हो जाता है।
لَتَرْكَبُنَّ طَبَقًا عَن طَبَقٍ ١٩
तुम अवश्य एक अवस्था से दूसरी अवस्था में स्थानांतरित होते रहोगे।
فَمَا لَهُمْ لَا يُؤْمِنُونَ ٢٠
फिर उन्हें क्या हो गया है कि वे ईमान नहीं लाते?
وَإِذَا قُرِئَ عَلَيْهِمُ ٱلْقُرْءَانُ لَا يَسْجُدُونَ ۩ ٢١
और जब उनके सामने क़ुरआन पढ़ा जाता है, तो सजदा नहीं करते।[3]
بَلِ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ يُكَذِّبُونَ ٢٢
बल्कि जिन्होंने कुफ़्र किया, वे (उसे) झुठलाते हैं।
وَٱللَّهُ أَعْلَمُ بِمَا يُوعُونَ ٢٣
और अल्लाह सबसे अधिक जानने वाला है जो कुछ वे अपने भीतर रखते हैं।
فَبَشِّرْهُم بِعَذَابٍ أَلِيمٍ ٢٤
अतः उन्हें एक दर्दनाक यातना की शुभ सूचना दे दो।
إِلَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ لَهُمْ أَجْرٌ غَيْرُ مَمْنُونٍۭ ٢٥
परंतु जो लोग ईमान लाए तथा उन्होंने सत्कर्म किए, उनके लिए कभी न समाप्त होने वाला बदला है।[4]
ऑफ़लाइन पढ़ने के लिए क़ुरआन सहेजें · पठन योजना बनाएँ
मूल अरबी: Tanzil Uthmani v1.1. अर्थों का अनुवाद: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari · QuranEnc.com · v1.1.5.
सभी 6,236 आयत संदर्भों को स्रोत से मिलाकर जाँचा गया है। यह तकनीकी अखंडता जाँच है, स्वतंत्र विद्वत समीक्षा नहीं। आरंभ की बिस्मिल्लाहें उसी रूप में सुरक्षित रखी गई हैं जिस रूप में मिली थीं।
# PLEASE DO NOT REMOVE OR CHANGE THIS COPYRIGHT BLOCK
#====================================================================
#
# Tanzil Quran Text (Uthmani, Version 1.1)
# Copyright (C) 2007-2026 Tanzil Project
# License: Creative Commons Attribution 3.0
#
# This copy of the Quran text is carefully produced, highly
# verified and continuously monitored by a group of specialists
# at Tanzil Project.
#
# TERMS OF USE:
#
# - Permission is granted to copy and distribute verbatim copies
# of this text, but CHANGING IT IS NOT ALLOWED.
#
# - This Quran text can be used in any website or application,
# provided that its source (Tanzil Project) is clearly indicated,
# and a link is made to tanzil.net to enable users to keep
# track of changes.
#
# - This copyright notice shall be included in all verbatim copies
# of the text, and shall be reproduced appropriately in all files
# derived from or containing substantial portion of this text.
#
# Please check updates at: http://tanzil.net/updates/
#
#====================================================================
पूरा स्रोत-विवरण और अनुमतियाँHindi Translation - Azizul Haq Al-Omari
Translated by Azizul Haq Al-Omari.
स्रोत संस्करण: 1.1.5 · 2025-08-05
QuranEnc.com · अर्थों का अनुवाद
स्रोत अनुमतियाँ · अनुवाद संबंधी समस्या बताएँ
यह भाषा संस्करण क़ुरआन के एक नामित प्रकाशित अनुवाद का उपयोग करता है, धर्मग्रंथ के स्वचालित अनुवाद का नहीं।
इंटरफ़ेस का अनुवाद AI की सहायता से किया गया है। स्वतंत्र मातृभाषी समीक्षा लंबित है। अनुवाद संबंधी समस्या बताएँ · मूल अंग्रेज़ी पढ़ें